अवधूत गीता केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि चेतना की एक अवस्था है। यदि आप सत्य की खोज में हैं और अद्वैत मार्ग पर चलना चाहते हैं, तो डाउनलोड कर इसका नियमित मनन अवश्य करें। यह आपके सोचने के नज़रिए को पूरी तरह बदल सकती है।
'अवधूत' का अर्थ है वह जिसने समस्त सांसारिक बंधनों, शास्त्र-नियमों और द्वैत भाव को 'धो' दिया है। अवधूत गीता साक्षात् के मुख से निकली वाणी मानी जाती है। यह ग्रंथ 'अद्वैत' (Non-duality) की पराकाष्ठा है। जहाँ भगवद गीता कर्म और भक्ति की बात करती है, वहीं अवधूत गीता सीधे उस अवस्था की चर्चा करती है जहाँ न कोई गुरु है, न शिष्य, न पुण्य है, न पाप। avadhuta gita pdf hindi